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'जवाब पहले से तैयार', ईरान पर नए हमलों की धमकी के बाद तेहरान ने ट्रंप को चेताया
जेएनएन, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है। पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं।
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जेएनएन, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है। पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं।
इन खबरों के बीच तेहरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उस पर दोबारा हमला हुआ तो इस बार जवाब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के ऊर्जा प्रतिष्ठान और इजरायल के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के निशाने पर होंगे।
तनाव के बीच शनिवार को कुवैत में भी ड्रोन हमले हुए। कुवैती सेना के अनुसार, एक सरकारी इमारत और एक नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जबकि वायु रक्षा प्रणाली ने देश की सीमा में प्रवेश करने वाले कई ड्रोन मार गिराए। इसी बीच, यूएई में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें लोगों को सावधानी और ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
मीडिया रिपोर्टों से बढ़ी हलचल
अमेरिकी अखबार द वाल स्ट्रीट जर्नल ने अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो दिनों में ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों को मंजूरी दे सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि यदि तेहरान वार्ता की मेज पर नहीं लौटता है तो उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना होगा।
वहीं, एक्सियोस और सीबीएस न्यूज की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के तेल रिफाइनरी, बिजलीघरों और अन्य ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संयुक्त हवाई हमलों के विकल्प पर समन्वय कर रहे हैं।
हालांकि, इन रिपोर्टों के अनुसार अंतिम मंजूरी अभी नहीं दी गई है।ईरान बोला- जवाब देने की पूरी तैयारीईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने इजरायल के रणनीतिक ठिकानों और पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा परिसंपत्तियों को निशाना बनाने की व्यापक योजना तैयार कर रखी है।
अधिकारी का कहना है कि पिछले 40 दिनों के संघर्ष के दौरान ईरानी सेना ने अपनी सैन्य क्षमता और जवाबी कार्रवाई की तैयारी का प्रदर्शन किया है। यदि कोई नया हमला होता है तो उसका तत्काल और व्यापक जवाब दिया जाएगा।
ट्रंप के तेवर और सख्त
कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान पर उनका भरोसा लगातार कम हो रहा है। उनका आरोप था कि वार्ता के दौरान भी ईरान ने मिसाइल हमले जारी रखे।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले ही काफी कमजोर हो चुका है, लेकिन उसे और कमजोर करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे हमास को हथियार छोड़ने पर मजबूर किया गया, उसी तरह ईरान पर भी दबाव जारी रहेगा।
ब्रिटेन को भी दी चेतावनी
एपी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि ब्रिटिश सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया तो तेहरान आत्मरक्षा के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगा।
उन्होंने ब्रिटिश विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में कहा कि किसी भी आक्रामक सैन्य अभियान में सहयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
होर्मुज में एलएनजी टैंकर पर हमला
तनाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में शनिवार को कतर के एक एलएनजी टैंकर पर हमला हुआ। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गैसलाग शंघाई नामक जहाज किसी मिसाइल या ड्रोन की चपेट में आया, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। इससे पहले ओमान तट के पास भी एक टैंकर पर हमले की सूचना मिली थी।
हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। केश्म द्वीप पर अमेरिकी बमबारी का दावाइस बीच, न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान के केश्म द्वीप पर करीब 2,000 पाउंड (लगभग 900 किलोग्राम) वजनी बम गिराया था।
रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई, जबकि दो बच्चों को मलबे से जीवित निकाला गया।विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मार्क-84 श्रेणी का शक्तिशाली बम था, जिसके विस्फोट से करीब 30 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। धमाके में आसपास की करीब 20 इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, 200 फीट दूर स्थित कई वाहन नष्ट हो गए और शहर के बाहर स्थित दो गोदाम भी ढह गए।
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